रीवा में सीजन का सबसे ठंडा दिन, 3.2° तक गिरा तापमान
रीवा में इस सीजन का सबसे ठंडा दिन दर्ज। न्यूनतम तापमान 3.2 डिग्री तक पहुंच गया। कड़ाके की सर्दी से जनजीवन प्रभावित, बच्चों और बुजुर्गों को सतर्क रहने की सलाह।

रीवा में सीजन का सबसे ठंडा दिन, 3.2° तक गिरा तापमान
रीवा में इस सीजन का सबसे ठंडा दिन दर्ज। न्यूनतम तापमान 3.2 डिग्री तक पहुंच गया। कड़ाके की सर्दी से जनजीवन प्रभावित, बच्चों और बुजुर्गों को सतर्क रहने की सलाह।
रीवा. विंध्य क्षेत्र में कड़ाके की सर्दी लगातार अपना असर दिखा रही है। शनिवार को शहर में इस सीजन का सबसे ठंडा दिन रिकॉर्ड किया गया। मौसम विभाग के अनुसार न्यूनतम तापमान 3.2 डिग्री तक गिर गया, जिसके कारण सुबह से ही गलन और ठिठुरन बढ़ गई। तेज ठंडी हवा और धुंध ने लोगों को घरों में ही कैद रहने पर मजबूर कर दिया। रविवार को भी ऐसा ही हाल रहा, सुबह कोहरा, पूरे दिन गलन और रात में धुंध छाने लगी। सोमवार की सुबह कोहरे की चादर से लिपटी रही, सुबह 11 बजे तक सूर्य के दर्शन नहीं हो सके।
प्रदेश के सबसे ठंडे जिलों में शामिल
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि रीवा अब प्रदेश के सबसे ठंडे जिलों में शामिल हो चुका है। सुबह के समय विजिबिलिटी कम रही और कई जगह काला कोहरा छाया रहा। ठंड बढ़ने के कारण लोग सुबह-सुबह अलाव का सहारा लेते दिखे, जबकि सड़कों पर यातायात भी सामान्य दिनों के मुकाबले कम रहा। सबसे न्यूनतम तापमान मंदसौर जिले का 2.5 डिग्री रहा। दूसरा सबसे सर्द शहडोल का कल्याणपुर रहा, यहां तापमान 2.8 डिग्री तक लुढुक गया। इसके बाद राज्य का तीसरा सबसे ठंडा जिला रीवा एवं शाजापुर रहा। यहां तापमान 3.2 डिग्री सेलसियस रिकॉर्ड किया गया।
क्यों बढ़ रही है ठंड
मौसम विभाग के अनुसार, उत्तर भारत से आ रही ठंडी हवाएं और साफ आसमान के कारण तापमान लगातार गिर रहा है। रात में तेजी से हीट लॉस होने से सुबह का तापमान और नीचे चला जा रहा है। आने वाले दो–तीन दिनों में भी ठंड और कोल्ड वेव का असर जारी रहने की संभावना जताई गई है।
बच्चों और बुजुर्गों के लिए अलर्ट
डॉक्टरों ने सलाह दी है कि इस मौसम में बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। अचानक ठंडी हवा के संपर्क में आने से सर्दी, खांसी, निमोनिया और ब्लड प्रेशर जैसी समस्याएं बढ़ सकती हैं। बाहर निकलते समय गरम कपड़े, टोपी और मफलर पहनने की सलाह दी गई है।
रोजमर्रा के काम प्रभावित
कड़ाके की ठंड का असर स्कूल, बाजार, ऑफिस और ट्रांसपोर्ट तक दिखाई दिया। कई लोग देर से घरों से निकले, जबकि सुबह के समय चाय और गरम पेय बेचने वालों के यहां भीड़ लगी रही। ग्रामीण इलाकों में किसान सुबह खेतों में देर से पहुंचे और फसलों पर पाला गिरने की शिकायत भी करने लगे।
अलाव और गर्म कपड़ों की मांग बढ़ी
ठंड बढ़ते ही शहर के प्रमुख स्थानों पर नगर निगम द्वारा अलाव की व्यवस्था की गई। साथ ही बाजारों में स्वेटर, जैकेट, मफलर, कंबल की बिक्री तेजी से बढ़ी है। कई लोग देर रात तक अलाव के पास बैठकर ठंड से राहत पाने की कोशिश करते रहे।
आने वाले दिनों का मौसम
मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले कुछ दिनों तक पारा नीचे ही बना रहेगा। देर रात और सुबह के समय घना कोहरा छा सकता है। विभाग ने सलाह दी है कि अनावश्यक यात्रा से बचें और सड़क पर वाहन चलाते समय लो बीम का उपयोग करें।




