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Damoh: बेटी के सामने पिता की गोली मारकर हत्या करने का मामला, तीन आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा

तीन आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा

Damoh:

बेटी के सामने पिता की गोली मारकर हत्या करने का मामला, तीन आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा

Damoh: घटना के बाद पुलिस ने तत्काल मामला दर्ज कर जांच शुरू की और तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में चालान पेश किया। अदालत में अभियोजन द्वारा पेश किए गए दस्तावेजी और मौखिक साक्ष्यों, साथ ही तर्कों को पर्याप्त मानते हुए न्यायाधीश ने तीनों आरोपियों को दोषी करार देते हुए सजा सुनाई।

 

नरसिंहगढ़ में चार साल पहले हुई एक सनसनीखेज हत्या के मामले में जिला न्यायालय ने तीन आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। यह घटना उस समय हुई थी जब मृतक की बेटी घर के आंगन में बैठी थी। शुक्रवार को षष्ठम अपर सत्र न्यायाधीश अनुराग सिंह कुशवाह ने इस बहुचर्चित हत्याकांड में फैसला सुनाते हुए तीनों आरोपियों को दोषी करार दिया।

न्यायालय ने नरसिंहगढ़ निवासी लखन रजक (23), प्रशांत ठाकुर (24) और दिन्नू उर्फ दिनेश साहू (26) को अलग-अलग धाराओं में दोषी पाया। आरोपी लखन रजक को भारतीय दंड संहिता की धारा 302/34 (सामूहिक रूप से हत्या) में आजीवन कारावास और एक हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई गई। वहीं प्रशांत ठाकुर और दिन्नू उर्फ दिनेश साहू को धारा 302/34 में आजीवन कारावास के साथ-साथ आयुध अधिनियम की धारा 25(1-बी)(ए) में तीन वर्ष के सश्रम कारावास, धारा 27(1) में पांच वर्ष के सश्रम कारावास और कुल दो-दो हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया गया। अभियोजन की ओर से इस मामले की पैरवी सहायक निदेशक अभियोजन कैलाश चंद्र पटैल और सहायक जिला अभियोजन अधिकारी हेमंत कुमार पांडेय ने की।

घटना 23 फरवरी 2021 की शाम की है। नरसिंहगढ़ निवासी गोपाल उर्फ परम रजक (55) अपने घर के बाहर चाय पी रहे थे और उनकी बेटी आंगन में बैठी थी। तभी तीन नकाबपोश युवक एक काले रंग की डिस्कवर बाइक पर सवार होकर आए और सीधे घर में घुसकर गोपाल रजक पर कट्टे से गोली चला दी। गोली लगते ही गोपाल नीचे गिर पड़े। परिजन तत्काल उन्हें अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

घटना के बाद पुलिस ने तत्काल मामला दर्ज कर जांच शुरू की और तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में चालान पेश किया। अदालत में अभियोजन द्वारा पेश किए गए दस्तावेजी और मौखिक साक्ष्यों, साथ ही तर्कों को पर्याप्त मानते हुए न्यायाधीश ने तीनों आरोपियों को दोषी करार देते हुए सजा सुनाई।

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