मऊगंज विधायक प्रदीप पटेल पर जानलेवा हमला, भू-माफियाओं व मूसा गैंग पर आरोप, पुलिस की भूमिका पर उठे गंभीर सवाल*
एसपी कार्यालय से 200 मीटर दूर हुई वारदात, थाना प्रभारी पर भी हमला, जिले की कानून व्यवस्था कटघरे में*

*मऊगंज विधायक प्रदीप पटेल पर जानलेवा हमला, भू-माफियाओं व मूसा गैंग पर आरोप, पुलिस की भूमिका पर उठे गंभीर सवाल*
*एसपी कार्यालय से 200 मीटर दूर हुई वारदात, थाना प्रभारी पर भी हमला, जिले की कानून व्यवस्था कटघरे में*
मऊगंज—
मऊगंज जिले में कानून व्यवस्था को लेकर एक बेहद गंभीर और चिंताजनक घटना सामने आई है। मऊगंज के विधायक प्रदीप पटेल पर अराजक तत्वों द्वारा जानलेवा हमला किए जाने का मामला प्रकाश में आया है। बताया जा रहा है कि विधायक अपनी जान बचाकर मौके से निकलने को मजबूर हुए। हमलावरों ने विधायक की गाड़ी पर भी हमला किया, जिससे हालात और अधिक तनावपूर्ण हो गए।प्राप्त के अनुसार विधायक प्रदीप पटेल विनोद मिश्रा की भूमि पर हो रहे अवैध कब्जे की सूचना मिलने पर मौके का निरीक्षण करने पहुंचे थे। इसी दौरान वहां मौजूद भू-माफियाओं के संरक्षकों एवं कुख्यात मूसा गैंग से जुड़े अराजक तत्वों ने माहौल को उग्र बना दिया।
मौके पर लगाए गए तम्बू में लगे पन्नी को फाड़कर जला दिया गया तथा विधायक प्रदीप पटेल और विनोद मिश्रा को आग से जलाने का प्रयास किया गया।स्थिति तेजी से बिगड़ती चली गई और अराजक तत्वों ने विधायक पर हमला कर दिया। हमले के दौरान विधायक के बचाव में आगे आए थाना प्रभारी मऊगंज संदीप भारती पर भी हमलावरों ने मुक्कों से हमला किया। घटना पुलिस अधीक्षक मऊगंज कार्यालय से महज 200 मीटर की दूरी पर बाबा ढाबा के पास घटित हुई, जिसने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़े कर दिए हैं।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार हमलावर खुलेआम नारेबाजी करते रहे और पुलिस मौके पर मौजूद होने के बावजूद मूकदर्शक बनी रही। पुलिस की निष्क्रियता से अराजक तत्वों के हौसले और बढ़ गए, जिसके चलते विधायक पर हमला जैसी गंभीर घटना को अंजाम दिया गया।इस घटना के बाद पूरे मऊगंज क्षेत्र में भय और आक्रोश का माहौल व्याप्त है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि जब एक निर्वाचित विधायक ही सुरक्षित नहीं है, तो आम जनता की सुरक्षा की स्थिति का अंदाजा सहज ही लगाया जा सकता है। यह सवाल भी उठने लगे हैं कि क्या मऊगंज पुलिस असहाय हो चुकी है या फिर भू-माफियाओं और अपराधियों को संरक्षण दिया जा रहा है।यह सारा घटना क्रम रात 6 बजे से 10 बजे रात तक चला और जिले के दोनों जिम्मेदार आंख मूंद कर सोते रहे।एक दूसरा गडरा कांड होते-होते बच गया।
विधायक पर हमले की सूचना मिलते ही अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक विक्रम सिंह, एसडीएम मऊगंज राजेश मेहता, तहसीलदार मऊगंज, एसडीओपी सचि पाठक सहित भारी पुलिस बल थाना मऊगंज पहुंचा। हमले के बाद विधायक प्रदीप पटेल सीधे मऊगंज थाना पहुंचे, जहां उन्होंने वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक कर पूरी घटना की जानकारी दी और स्थिति से प्रशासन को अवगत कराया।फिलहाल यह गंभीर घटना जिले की कानून व्यवस्था, पुलिस की कार्यशैली और प्रशासन की सक्रियता पर बड़ा सवाल बनकर सामने आई है। अब देखना यह होगा कि प्रशासन दोषियों पर क्या ठोस और निर्णायक कार्रवाई करता है।




