अंधेरगर्दी की हो रही हद पार मंदिर प्रशासक ओर ठेकेदार की मिलीभगत से हो रही अवैध वसूली
बड़े ही दुर्भाग्य की बात है कि आज मैहर माई का धाम जो आस्था का बहुत बड़ा केंद्र है वहीं आज अधर्म पनप रहा है इसके पैर इतने बड़े होते जा रहे है जिसे रोक पाना असंभव लगता है देवी जी धाम में बंधा वैरियर ठेकेदार ओर शारदा प्रबंधक समिति के प्रशासक अध्यक्ष की खुली छूट से एनआईटी शर्तों के विरुद्ध बंधा वैरियर ठेकेदार अवैध वसूली कर रहा है

अंधेरगर्दी की हो रही हद पार मंदिर प्रशासक ओर ठेकेदार की मिलीभगत से हो रही अवैध वसूली
मैहर।बड़े ही दुर्भाग्य की बात है कि आज मैहर माई का धाम जो आस्था का बहुत बड़ा केंद्र है वहीं आज अधर्म पनप रहा है इसके पैर इतने बड़े होते जा रहे है जिसे रोक पाना असंभव लगता है देवी जी धाम में बंधा वैरियर ठेकेदार ओर शारदा प्रबंधक समिति के प्रशासक अध्यक्ष की खुली छूट से एनआईटी शर्तों के विरुद्ध बंधा वैरियर ठेकेदार अवैध वसूली कर रहा है ऐसा हम इसलिए कह रहे क्योंकि बार बार कलमकार द्वारा ठेकेदार के गलत कारनामे उजागर किया जा रहा है और मंदिर प्रशासक अध्यक्ष सब शांत है इसका क्या मतलब समझा जाए यानी खुली छूट एनआईटी की शर्तों में बंधा वैरियर वसूली में 12 घंटे में रसीद दूसरी लेनी होगी इस बात का कही लेख नहीं है कल रात लगभग सात बजे एक गाड़ी के दर्शनार्थी मां के दर्शन को आए और बंधा वैरियर में प्रवेश पाने हेतु रसीद कटवाया जब दर्शनार्थी को यह पता चला कि आरती हो चुकी है वह वापस चला गया और आज सुबह पुनः लगभग सात बजे फिर आया जिस पर ठेकेदार द्वारा पुनः रसीद काटी गई इसका मतलब क्या है साहब आपने ठेका दिया प्रवेश शुल्क पार्किंग यहां पर हाइवे के टोल नियम प्रभावशील नहीं है आपकी एनआईटी के मुताबिक ठेकेदार से 12 घंटे के अंदर दुबारा रसीद काटने के मामले को लेकर उक्त दर्शनार्थी द्वारा शिकायत हेतु मैहर एसडीएम ओर मंदिर प्रशासक श्री दिव्या पटेल को अपने फोन से मैडम को फोन लगाया किंतु मैडम का फोन नहीं उठा अब दर्शनार्थी क्या करे चुपचाप दर्शन किया और चल गया जब कोई अधिकारी फोन उठाने को तैयार नहीं खुदकी समिति द्वारा बनाई गई बंधा वैरियर संबंधित शर्तों का पालन करवाने में असमर्थ है तमाम जिम्मेदार आम चर्चा यह भी है कि पूर्व में कभी भी एक बार बंधा वैरियर पर प्रवेश शुल्क देने के बाद दुबारा दो दो दिनों तक शुल्क दुबारा नहीं देना पड़ता था किंतु आज अवैध वसूली जोरो पर संबंधित अधिकारी इस बात का ध्यान दे की अवैध वसूली पर रोक लगाने का कार्य करे एवं शारदा प्रबंधक समिति द्वारा बनाई गई प्रवेश शुल्क को नियम तरीके से लिया जाए न कि अवैध वसूली की जाए खुलेआम प्रवेश शुल्क का बोर्ड लगाकर वसूली की जा रही दिनभर अधिकारी एवं प्रभारी कर्मचारी निकलते है किसी ने भी उक्त अवैध बोर्ड पर आपत्ति दर्ज कराना उचित नहीं समझा
दुर्भाग्य इस बात है कि नियम क्या है कानून क्या यह हैआज हमको बताना पड़ रहा है जबकि शारदा प्रबंधक समिति में पदस्थ अधिकारियों की यह जवाबदेही है कि नियमों का सख्ती से पालन कराए किंतु बंधा वैरियर ठेकेदार की अवैध वसूली इस बात को स्पष्ट कर रही है कि हमारे लिए कोई नियम नहीं समरथ को नहीं दोष गोसाई यह लाइन वाकई उक्त मामले को देखकर लगता है चरितार्थ है नीचे आप सभी दर्शनार्थी का बयान ओर मंदिर प्रशासक को फोन लगाते दर्शनार्थी का वीडियो देखे




