पिपराहट की सिमको खदान से लेकर बारहिया बठिया तक ओवरलोड वाहनों का खेल जारी
मैहर जिले भर मे ओवरलोड वाहनों सिलसिला बिना डर भय के खुलेआम चल रहा है

पिपराहट की सिमको खदान से लेकर बारहिया बठिया तक ओवरलोड वाहनों का खेल जारी
मैहर जिले भर मे ओवरलोड वाहनों सिलसिला बिना डर भय के खुलेआम चल रहा है पिपराहट की सिमको खदान का नाम भी टॉप 10 पर है। जहाँ दिनभर मे सैकड़ो गाड़ी ओवरलोड पत्थर लेकर रास्ते भर धमा चौकड़ी मचाते केजेएस तक पहुंचती है। जिनके कारण सड़कों की दुर्दशा हो गई है।
बात यही नहीं रूकती,अगर टीपी की बात की जाये तो टीपी कही और से कटती है और लोड ईस सिमको खदान से की जा रही है, कहने का तात्पर्य है ओवरलोड के साथ-साथ फर्जी वाडा करने में भी महारत हासिल है।
जानकारी के मुताबिक सिमको खदान का मालिक नागपुर से आकर मैहर की धरती खोद कर मैहर वालों के लिए मुफ्त मे डस्ट और धूल खिलाने का काम जोरो से कर रहा है। महारष्ट्र से आकर मैहर की धरती मे धाधलेबाजी करते हुए मोटी रकम कमा कर मैहर की सड़को का सत्यानाश करने में पीछे नहीं हट रहा,
खदान मे कार्य कर रहे मजदूर वर्ग भी इसके मार से नहीं बच पा रहे, नाम न छापने की शर्त में कुछ लोगों ने बताया कि खदान के अंदर बाल मजदूरी से लेकर शासन की गाइडलाइन के अनुसार जारी किए गए वेतन से भी आधा वेतन देकर मजदुरी करवाई जाती है।
निष्पक्षता से जांच की जाये तो ऐसे कई मामले उजागर हो सकते हैं




