इंदौरमध्य प्रदेशराजनीतिराज्य

Indore News: दिग्विजय सिंह को दिखाए काले झंडे, फेंकी चूड़ियां और लगे "वापस जाओ" के नारे

Indore News: इंदौर के कपड़ा बाजार में मुस्लिम कर्मचारियों को नौकरी से हटाने के फैसले पर विवाद बढ़ गया है। पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के दौरे की खबर के बीच बाजार में खूब हंगामा हुआ।

Indore News: दिग्विजय सिंह को दिखाए काले झंडे, फेंकी चूड़ियां और लगे “वापस जाओ” के नारे

Indore News: इंदौर के कपड़ा बाजार में मुस्लिम कर्मचारियों को नौकरी से हटाने के फैसले पर विवाद बढ़ गया है। पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के दौरे की खबर के बीच बाजार में खूब हंगामा हुआ।

शहर के कपड़ा बाजार में मुस्लिम कर्मचारियों को नौकरी से निकाले जाने का विवाद शनिवार को उस समय और गहरा गया, जब इस फैसले का विरोध करने पहुंचे पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह को भारी विरोध का सामना करना पड़ा। भाजपा कार्यकर्ताओं और व्यापारियों ने उनके खिलाफ जमकर नारेबाजी की, उन्हें काले झंडे दिखाए और उनकी ओर चूड़ियां भी फेंकी।

बाजार में घुसने से पहले ही रोका गया
जैसे ही दिग्विजय सिंह अपने काफिले के साथ कपड़ा बाजार की ओर बढ़े, वहां पहले से मौजूद पुलिस अधिकारियों ने उन्हें रोक दिया और सराफा थाने की ओर जाने का निर्देश दिया। इसी दौरान बड़ी संख्या में मौजूद भाजपा विधायक मालिनी गौड़ के पुत्र एकलव्य गौड़ के समर्थक, व्यापारी और भाजपा कार्यकर्ता वहां पहुंच गए और “दिग्विजय सिंह वापस जाओ” के नारे लगाने लगे। जब सिंह वहां से निकलने लगे तो प्रदर्शनकारियों ने उनकी कार की तरफ चूड़ियां फेंकी, जिससे माहौल तनावपूर्ण हो गया।

भगवा झंडों और पोस्टरों से पटा बाजार
दिग्विजय सिंह के आने की सूचना मिलते ही सुबह से ही बाजार में गहमागहमी का माहौल था। पूरे बाजार को भगवा ध्वजों और पताकाओं से सजा दिया गया था। यहां तक कि दुकानों पर लगी डमी को भी भगवा कपड़े पहना दिए गए थे। बाजार में जगह-जगह विवादित पोस्टर भी लगाए गए थे, जिन पर लिखा था, “मां बहनें निर्भीकता से बाजार में प्रवेश करें, जिहादियों से अब बाजार मुक्त है” और “जिहादी मानसिकता का प्रवेश निषेध।”

क्यों गरमाया है यह मुद्दा?
यह पूरा विवाद विधायक पुत्र एकलव्य गौड़ द्वारा व्यापारियों को अपनी दुकानों से मुस्लिम कर्मचारियों को हटाने की चेतावनी के बाद शुरू हुआ। गौड़ ने आरोप लगाया था कि ये कर्मचारी “लव जिहाद” के एजेंडे को बढ़ावा देते हैं। इस चेतावनी के बाद 40 से अधिक मुस्लिम कर्मचारियों को नौकरी से निकाल दिया गया था, जिसका विरोध करने के लिए दिग्विजय सिंह बाजार पहुंचे थे। बढ़ते तनाव को देखते हुए बाजार में भारी पुलिस बल और आरपीएफ के जवानों को भी तैनात किया गया था।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
error: Content is protected !!