भदनपुर टोल नाके के कुछ कर्मियों की मिली भगत से पशु तस्करी सक्रिय थी जहां पुलिस मुस्तैदी से लगा पूरी तरह विराम..📍🚔
जहां पुलिस मुस्तैदी से लगा पूरी तरह विराम..

भदनपुर टोल नाके के कुछ कर्मियों की मिली भगत से पशु तस्करी सक्रिय थी जहां पुलिस मुस्तैदी से लगा पूरी तरह विराम..📍🚔
मैहर बरही मार्ग पर कुछ जयचन्द पशु प्रेमी टोल कर्मियों की मिलीभगत से मवेशियों से लदे वाहन रोजाना रात के समय में गुजरते थे जिसकी बदेरा थाना पुलिस को भनक तक नहीं लगती थी। विगत कुछ दिनों पूर्व सोशल मीडिया व्हाट्सएप ग्रुपो पर एक वीडियो पोस्ट हुआ था, जहां भदनपुर टोल पर एक गाड़ी खड़ी करवाके टोल कर्मी द्वारा वीडियो बनाते हुए ट्रक ड्राइवर से वाहन में किस प्रजाति के जानवर लदे होने जानकारी पूछी। और वीडियो बनाने के तुरन्त बाद उस वीडियो को सीधे सोशल मीडिया पर डाल दिया गया। इस टोल कर्मी द्वारा न ही नजदीकी पुलिस को सूचना दी गई और न ही मैहर पुलिस कंट्रोल रूम को । इसका मतलब वायरल का मकसद ही वरिष्ठ अधिकारियों को गुमराह कर बदेरा पुलिस की छवि को धूमिल करने का था। पशु बचाव अभियान के तहत वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन पर अब तो टोल नाके पर पुलिस मुस्तैद है जिससे कुछ जयचंद टोल कर्मियों की अवैध कमाई का जरिया बंद है जिस कारण से बौखलाए हुए हैं।
मैहर बरही मार्ग पर कुछ जयचन्द पशु प्रेमी टोल कर्मियों की मिलीभगत से मवेशियों से लदे वाहन रोजाना रात के समय में गुजरते थे जिसकी बदेरा थाना पुलिस को भनक तक नहीं लगती थी। विगत कुछ दिनों पूर्व सोशल मीडिया व्हाट्सएप ग्रुपो पर एक वीडियो पोस्ट हुआ था, जहां भदनपुर टोल पर एक गाड़ी खड़ी करवाके टोल कर्मी द्वारा वीडियो बनाते हुए ट्रक ड्राइवर से वाहन में किस प्रजाति के जानवर लदे होने जानकारी पूछी। और वीडियो बनाने के तुरन्त बाद उस वीडियो को सीधे सोशल मीडिया पर डाल दिया गया। इस टोल कर्मी द्वारा न ही नजदीकी पुलिस को सूचना दी गई और न ही मैहर पुलिस कंट्रोल रूम को । इसका मतलब वायरल का मकसद ही वरिष्ठ अधिकारियों को गुमराह कर बदेरा पुलिस की छवि को धूमिल करने का था। पशु बचाव अभियान के तहत वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन पर अब तो टोल नाके पर पुलिस मुस्तैद है जिससे कुछ जयचंद टोल कर्मियों की अवैध कमाई का जरिया बंद है जिस कारण से बौखलाए हुए हैं।




