कोडिन युक्त कफ सिरप तस्करी के बड़े नेटवर्क में अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शिकंजा कसता नजर आ रहा है।
CBI के सहयोग से इंटरपोल ने मुख्य आरोपी शुभम जायसवाल के खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया है। जांच एजेंसियों के मुताबिक, आरोपी के दुबई में छिपे होने की संभावना है और उसे जल्द पकड़ने की कोशिशें तेज कर दी गई हैं। कोर्ट पहले ही उसे भगोड़ा घोषित कर चुका है।

कोडिन युक्त कफ सिरप तस्करी के बड़े नेटवर्क में अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शिकंजा कसता नजर आ रहा है।
इस मामले में उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और बांग्लादेश तक फैले कनेक्शन सामने आए हैं।
CBI के सहयोग से इंटरपोल ने मुख्य आरोपी शुभम जायसवाल के खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया है। जांच एजेंसियों के मुताबिक, आरोपी के दुबई में छिपे होने की संभावना है और उसे जल्द पकड़ने की कोशिशें तेज कर दी गई हैं। कोर्ट पहले ही उसे भगोड़ा घोषित कर चुका है।
पूरा मामला 15 नवंबर 2025 को उत्तर प्रदेश के वाराणसी से शुरू हुआ था, जहां औषधि निरीक्षक की शिकायत पर शुभम जायसवाल, उसके पिता और अन्य आरोपियों के खिलाफ NDPS एक्ट के तहत केस दर्ज किया गया। जांच आगे बढ़ी तो इसका नेटवर्क मध्य प्रदेश तक फैला मिला और अवैध सप्लाई बांग्लादेश तक पहुंचने की पुष्टि हुई।
जांच में खुलासा हुआ है कि इस सिंडीकेट के जरिए करोड़ों कफ सिरप की बोतलें बांग्लादेश भेजी गईं। हर बोतल को बनाने में करीब 100 से 120 रुपये की लागत आती थी, जबकि बाजार में इसे गैरकानूनी तरीके से बेचकर लगभग 500 रुपये तक का मुनाफा कमाया जाता था।




