खाद संकट ने बिगाड़ी किसानों की नींद कांग्रेस अध्यक्ष प्रभात द्विवेदी ने उठाई आवाज़
कृषक जीवन की गहन व्यथा उस समय उभरकर सामने आई जब किसानों को खाद वितरण हेतु टोकन लेने बुलाया गया। लंबी कतारों में अपनी बारी की प्रतीक्षा करते किसानों की आँखों में चिंता और माथे पर पसीने की बूंदें साफ झलक रही थीं।

खाद संकट ने बिगाड़ी किसानों की नींद कांग्रेस अध्यक्ष प्रभात द्विवेदी ने उठाई आवाज़
मैहर
कृषक जीवन की गहन व्यथा उस समय उभरकर सामने आई जब किसानों को खाद वितरण हेतु टोकन लेने बुलाया गया। लंबी कतारों में अपनी बारी की प्रतीक्षा करते किसानों की आँखों में चिंता और माथे पर पसीने की बूंदें साफ झलक रही थीं।
कांग्रेस अध्यक्ष प्रभात द्विवेदी ने जब स्थिति को समीप से देखा, तो किसानों को शांति और धैर्य से अपनी बारी में खड़े होने का आग्रह किया। द्विवेदी की अपील पर कृषक श्रृंखला में खड़े होकर संयमपूर्वक टोकन प्राप्त करते रहे।
इस अवसर पर उन्होंने सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि मुख्यमंत्री स्वयं यह दावा कर रहे हैं कि प्रदेश में पर्याप्त खाद उपलब्ध है, किंतु वास्तविक धरातल पर स्थिति इसके विपरीत दिखाई दे रही है। किसानों को मात्र एक-दो बोरी खाद देकर लौटा दिया जा रहा है। यह मात्रा उनके खेतों की प्यास बुझाने के लिए अपर्याप्त है ।
उन्होंने आगे कहा कि जब बड़े किसान ही अपनी फसल को बचाने में असमर्थ हैं तो छोटे किसानों का हाल सहज ही अनुमानित किया जा सकता है। यह स्थिति कहीं न कहीं सरकारी दावों और ज़मीनी सच्चाई के बीच गहरी खाई को उजागर करती है।
प्रभात द्विवेदी ने स्पष्ट कहा कि वे किसानों की आवाज़ को बुलंद करते रहेंगे और उनकी समस्याओं के समाधान तक संघर्षरत रहेंगे।
इस पूरे प्रकरण ने एक बार फिर यह प्रश्न खड़ा कर दिया है कि क्या किसानों की पीड़ा सत्ता के गलियारों तक पहुँच भी रही है, अथवा केवल मंचों से किए गए वादों तक ही सीमित है?




