खाद वितरण केन्द्र गुढ़ में पड़ सकती है एम्बूलेन्स की जरूरत प्रदेश सरकार की कुछ ऐसी है खाद बितरण की व्यवस्था.
एक बोरी खाद की लिए भोर 4 बजे से किसानों की लगी लाईन घर गृहस्थी छोड महिलाए भी खाद की लाईन में

खाद वितरण केन्द्र गुढ़ में पड़ सकती है एम्बूलेन्स की जरूरत प्रदेश सरकार की कुछ ऐसी है खाद बितरण की व्यवस्था.
एक बोरी खाद की लिए भोर 4 बजे से किसानों की लगी लाईन घर गृहस्थी छोड महिलाए भी खाद की लाईन में
आपको बता दें कि प्रदेश सरकार एक ओर किसानो के लिए खेती में डबल फायदे की बात कर किसानो की हितैषी बनती है वही दूसरी ओर प्रदेश सरकार द्वारा जब किसानो को खाद बीज की अवश्यकता होती है तो आधार कार्ड बनवाने व राशन की दुकान की खाद के लिए लाईन में खड़ा कर देती है।
जी हाँ हम बात कर रहे हैं गुढ़ क्षेत्र के किसानो की और इस क्षेत्र के जनप्रतिनिधि है राजनीति के चणक्त गुढ़ विधायक मा. नागेन्द्र सिंह जी जिनकी सरकार प्रदेश में बैठी हुई है और किसानो को कुछ इस तरह डबल फायदा दे रही कि क्षेत्र का किसान अवश्यकता पड़ने पर 1 बोरी खाद के लिए भोर 4 बजे मुखारी कुल्ला करने व खाने का टिफिन गैलन में पानी लेकर घर से एक बोरी यूरिया खाद के लिए निकल कर डबल लाक के सामने लाईन लगा कर खड़ा हो चुके है। इतना ही नही डबल लाक खाद वितरण केन्द्र में शासन की ओर से इन किसानो को पीने के पानी तक की ब्यवस्था नही की गई कि नगर परिषद एक टैकर पानी तो भेजवा दे खाद तो किसान यानी अन्नदाता को चाहिए और समस्या सरकार को क्यों हो किसान मरता है तो मरने दो सरकार को तो बोट चाहिए वे सिर्फ चुनाव के समय ही किसानो के सामने हाथ जोड़कर कर एक एक बोट के लिए बड़े बड़े वादे करते है और कुर्सी पाने के बाद बोट देने वाले किसानो को कुर्सी के पांव के नीचे दफन कर देते है तो उन किसानो की समस्या होगी ही ही आप इस तस्वीर में किसानो की समस्या भली भांति भांप सकते है जहां एक बोरी खाद प्राप्त करने के लिए किसानो सहित महिलाओं की लाईन (मेला) लगा हुआ है और खाद पाने तक इनके पानी पीने के लिए एक तलैया भी भरी हुई है।
जरा सोचिए
*शनिवार को कुल 3000 बोरी खाद डबल लाक पहुंची है और खाद लेने वाले किसानो की संख्या 5 हजार से ऊपर है। और अभी बढ़ रही है जबकि डबल लाक का ताला 11 बजे तक खुलेगा लेकिन यह मेला भोर 4 बजे से शुरू हो गया था। शासन प्रशासन को कम से कम किसानो की सुरक्षा के लिए पुलिस और इस खाद की लाईन में खडे बूढे और बिमार किसानो की तबियत बिगड़ने पर एक एम्बूलेन्स की ब्यवस्था जरूर कर देनी चाहिए।
आखिर ये समस्या क्यो
*शासन प्रशासन को चाहिए कि जब क्षेत्र के किसानो के बोनी के समय से लेकर फसल में खाद देने तक जितने भी खाद बीज की दुकाने संचालित है उन दुकानो में खाद का भण्डारण करवा दे तो किसानो की समस्या का निदान हो सकता है लेकिन किसानो के लिए डबल फायदा देने वाली डबल इंजन की सरकार अधिकारियों व चोर तबके के ब्यापारियों के फायदे के लिए स्वयं खड़ी करती है।




