कुत्ता गायब हुआ तो कांस्टेबल को पीटा MP में रिजर्व इंस्पेक्टर का गुस्सा, खरगोन-खंडवा मार्ग पर चक्का जाम*
पुलिस अधीक्षक ने इंस्पेक्टर को सस्पेंड कर एएसपी को सौपा जांच*

*कुत्ता गायब हुआ तो कांस्टेबल को पीटा MP में रिजर्व इंस्पेक्टर का गुस्सा, खरगोन-खंडवा मार्ग पर चक्का जाम*
*पुलिस अधीक्षक ने इंस्पेक्टर को सस्पेंड कर एएसपी को सौपा जांच*
मध्य प्रदेश के खरगोन जिले में एक रक्षित निरीक्षक का अपने पद का दुरुपयोग करने का माला सामने आया है। खरगोन के डीआरपी लाइन में तैनात पद के गुरूर में डूबे रक्षित निरीक्षक ने कुत्ते संभालने की छोटी-सी बात पर एक कांस्टेबल की बेरहमी से पिटाई कर दी। रक्षित निरीक्षक ने कांस्टेबल को बेल्ट से इतना मारा कि उसके शरीर पर नीला निशान उतर आया।कांस्टेबल ने बेल्ट से मारपीट करने और शरीर पर निशाना बनने का वीडियो सोशल मीडिया किया है। कांस्टेबल अपने साथ हुई इस वारदात के बाद इतना आहत है कि उसने अजाक थाने में आरआई के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के लिए आवेदन दे दिया। पीड़ित कांस्टेबल का नाम राहुल चौहान है, जबकि आरआई का नाम सौरभ कुशवाह है।
*एफआईआर के लिए शिकायत दी*
राहुल ने थाने पहुंचकर रक्षित निरीक्षक सौरभ कुशवाह के खिलाफ एफआईआर कराने के लिए शिकायत दी। कांस्टेबल ने बताया, ‘आई के पास दो कुत्ते हैं। इनमें से एक छोटा कुत्ता कहीं भटक गया। सौरभ कुशवाह ने उसे ढूंढा, उन्हें मिला नहीं तो 1 बजे रात को मेरे घर पर आए और मुझे अपने घर ले गए। मेरे हाथ से मोबाइल छीन लिया और मुझे कमरे में ले जाकर बेल्ट से बुरी तरह मारा। मेरे समाज को लेकर भी गलत बातें कही गईं। अब मुझे न्याय चाहिए।’
*कांस्टेबल की पत्नी का बयान*
इस मामले में कांस्टेबल की पत्नी जयश्री ने कहा, ‘मेरे पति राहुल चौहान कांस्टेबल के पद पर पदस्थ हैं। उन्हें आरआई साहब ने बेल्ट से बुरी तरह मारा। जब मैं उनके साथ उनके कारण पूछने गई तो मुझे भी जातिसूचक शब्द कहे और अपमानित किया। वजह थी कि उनका कुत्ता कहीं भाग गया था। वह आरोप लगा रहे थे कि उसे मारकर कहीं गाड़ दिया है। इस बात की वजह से रात में बुलाकर बुरी तरह से मारा बेल्ट से मारा। गंभीर चोटें आई हैं, जबकि उनका कुत्ता बाद में मिल गया था।’
*आदिवासी समाज के संगठनों ने प्रदर्शन किया*
हालांकि, एक दिन बीतने के बाद भी कार्रवाई नहीं होने पर और सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद आदिवासी समाज के संगठन जयस को सूचना मिली। जयस के कई लोग खंडवा वडोदरा नेशनल हाइवे पर मौजूद अजाक थाने के सामने पहुंचकर थाने का घेराव किया। वहीं, अजाक थाने के इंचार्ज राजेश शाह ने इस बारे में कहा, ‘यह पुलिस परिवार का मामला है। अभी तक इन लोगों ने कोई आवेदन भी नहीं दिया है। अगर आवेदन देते हैं तो उच्च स्तरीय जांच होगी।’




